Garlic Pesticide for Plants: घर में लगाए पौधों की हरियाली देखते ही मन खुश हो जाता है, लेकिन जैसे ही पत्तियों पर छोटे-छोटे कीड़े नजर आने लगते हैं, पूरी मेहनत बेकार होती दिखती है। खासकर तुलसी, करी पत्ता, टमाटर और दूसरी खाने में इस्तेमाल होने वाली पौधों पर कीड़े लग जाएं तो बाजार का कोई भी कीटनाशक इस्तेमाल करने से पहले सोचना पड़ता है। ऐसे में किचन में मौजूद एक आम चीज मददगार हो सकती है, लहसुन।
गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर लहसुन से पौधों के लिए घरेलू स्प्रे तैयार करने का तरीका बताया है। उनके मुताबिक, लहसुन की तेज गंध कुछ कीटों को पौधों से दूर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसे किसी रासायनिक कीटनाशक का पक्का विकल्प नहीं मानना चाहिए और पौधे पर इस्तेमाल से पहले सावधानी जरूरी है।
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सिर्फ 50 ग्राम लहसुन से तैयार होगा घोल
इस घरेलू स्प्रे को बनाने के लिए करीब 50 ग्राम लहसुन लें। इसे छीलकर थोड़े पानी के साथ मिक्सर में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब एक बर्तन में करीब 1.5 लीटर पानी लें और उसमें लहसुन का पेस्ट डाल दें।
इस मिश्रण को करीब 15 से 20 मिनट तक उबालें। इसके बाद गैस बंद करके इसे अच्छी तरह ठंडा होने दें। अगले दिन घोल को कपड़े या बारीक छलनी से छान लें, ताकि लहसुन के टुकड़े अलग हो जाएं। तैयार तरल को साफ कांच की बोतल में रखा जा सकता है।
पौधों पर सीधे नहीं, पानी में मिलाकर करें स्प्रे
तैयार लहसुन वाले लिक्विड को पौधों पर इस्तेमाल करने से पहले पानी में मिलाना जरूरी है। तरुण चोपड़ा के बताए तरीके के अनुसार, सामान्य स्थिति में लहसुन वाले लिक्विड की करीब 35 से 40 प्रतिशत मात्रा लेकर उसमें साफ पानी मिलाया जा सकता है। इसके बाद घोल को स्प्रे बोतल में भरकर पौधों की पत्तियों पर छिड़कें।
इसका इस्तेमाल करीब 10 दिन में एक बार किया जा सकता है। स्प्रे के लिए शाम का समय बेहतर बताया गया है। तेज धूप के दौरान किसी भी नए घरेलू घोल का पत्तियों पर छिड़काव करने से बचना चाहिए। अगर पौधे पर कीड़ों का प्रकोप ज्यादा है, तो बताए गए तरीके में लहसुन वाले लिक्विड की मात्रा करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की बात कही गई है। लेकिन यहां भी पहले पौधे के एक छोटे हिस्से पर इसका असर देखना समझदारी होगी।
लहसुन का बचा पेस्ट भी फेंकें नहीं
लहसुन को छानने के बाद बचा हुआ पेस्ट या ठोस हिस्सा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे खाद या फर्टिलाइजर में मिलाने की सलाह दी गई है। यानी लहसुन का इस्तेमाल करने के बाद बचने वाला हिस्सा भी बर्बाद नहीं होगा। हालांकि, इसे खाद में मिलाने से पौधे को कीड़ों से बचाने की गारंटी नहीं मानी जानी चाहिए। असली असर पौधे, कीट की प्रजाति और इस्तेमाल की मात्रा पर निर्भर कर सकता है।
प्राकृतिक है, फिर भी हर पौधे पर पहले टेस्ट करें
“नेचुरल” होने का मतलब यह नहीं कि किसी घोल को बिना सावधानी के ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल किया जाए। पहली बार लहसुन का स्प्रे लगाने से पहले पौधे की कुछ पत्तियों पर थोड़ी मात्रा लगाकर देखें। अगर पत्तियों पर जलने के निशान, मुरझाना या कोई दूसरी समस्या दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल रोक दें।
खासकर खाने वाले पौधों पर किसी भी घरेलू स्प्रे का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है। अगर कीड़ों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है या पौधा गंभीर रूप से प्रभावित है, तो कीट की सही पहचान करके उपयुक्त और सुरक्षित उपचार चुनना ज्यादा बेहतर रहेगा।
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कुल मिलाकर, लहसुन से बना यह घरेलू घोल उन लोगों के लिए एक आसान प्रयोग हो सकता है जो अपने गार्डन में महंगे उत्पादों पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। लेकिन पौधों की देखभाल में सबसे जरूरी चीज सिर्फ स्प्रे नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण, सही पानी, पर्याप्त रोशनी और कीटों की समय पर पहचान है।
अक्षांश कुलश्रेष्ठ,एक अनुभवी पत्रकार हैं, और करीब 20 साल से गार्डनिंग कर रहे हैं, जिन्हें मुख्यधारा मीडिया (Mainstream Media) में 7 वर्षों का गहरा अनुभव है। वर्तमान में Asianet Hindi के साथ कार्यरत अक्षांश कुलश्रेष्ठ इससे पहले WION, Hindustan Times, Dainik Jagran, Healthshots Hindi और Navbharat Times (NBT) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ ‘बागवानी’ (Gardening) उनका जुनून है। Rasoibagicha.in के माध्यम से वे अपने सालों के व्यावहारिक अनुभव और शोध को साझा करते हैं, ताकि हर घर में एक सुंदर और स्वस्थ रसोई बगीचा तैयार हो सके।